शत चंडी महायज्ञ में लोग ले रहे है कथाओं का आनंद

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कसया (कुशीनगर), 06 दिसंबर (ममता तिवारी)। नगर में स्थित सेमरा धूसी बाड़ी पूल चैराहे पर ग्राम वासियों के सौजन्य से तथा अंगद जी महाराज के नेतृत्व में शत चंडी महायज्ञ का कार्यक्रम किया जा रहा है।

इस महायज्ञ के दूसरे दिन भोजपूरी सम्राट जी द्वारा सती मोह और बालकांड की कथा सुनाई गई। कथावाचक द्वारा सभी भक्तजन कथा सुनकर भाव विभोर हो उठे।

बताते चलें कि गुरूवार को नगर में स्थित सेमरा धूसी वाणी पुल चैराहे पर बाजार परिसर में महायज्ञ में रामलीला पार्टी द्वारा रात्रि में रामलीला किया जाता है तथा दिन में 1. बजे से 30 वर्षो के अनुभवी भोजपुरी कथा सम्राट पं. वीरेंद्र तिवारी व्यास जी द्वारा बड़े सुन्दर और आनंद देने वाली प्रसंग सती मोह कथा में व्यास जी महाराज ने कहा कि- एक बार त्रेता युग माही, शंभू गए कुंभज ऋषि पाही।।

अर्थात भगवान शिव माता पार्वती जी के साथ कुंभज ऋषि के आश्रम में कथा सुनने के लिए गए। ऋषि ने भगवान शिव को प्रणाम किया जिस पर माताजी भ्रमित हो गई और वे कथा सुनने से इनकार कर दी। ऐसा मानना है कि जो राम की कथा नहीं सुनता है उस पर भगवान शिव जी का कोप हो जाता है तथा व्यास जी ने दोहे के माधयम से कहा कि रामकथा मुनि बर्ज बखानी। सुनी महेश परमसुख मानी।

यानि मुनि द्वारा राम की कथा का बखान सुनकर भगवान शिव को परम सुख मिलता है। चरितमानस में यह वर्णित है कि जब रामजी का वनवास हुआ। माता सीता को रावण हर ले गया। राम जी वन -वन में सीता जी को ढूंढते फिर रहे थे।

उसी क्षण माता सती को यह भ्रम हुआ कि राम जी ब्रहम नहीं हैं यह तो साधारण मानव की तरह सीता के लिये रो रहे हैं। यदि राम ब्रह्म होते तो उन्हें तो सब कुछ पता होता कि सीता कहां है। इस पर वे उन की परीक्षा लेने के लिए सीता बन कर गई किन्तु राम जी ने पहचान लिया और मां कह कर प्रणाम किया।
जिससे माता सती लज्जित हो गई और उनका मोह भंग हो गया। इस कथा को सुनकर सभी भक्तजन भाव विभोर हो गये ।और सभी राममय हो गये। इस मौके पर कपिल देव तिवारी, रामेश्वर सिंह सभासद वार्ड नंबर 5 बापूनगर, रामप्यारे मिश्र, प्रमोद प्रसाद, गौड़, अशोक तिवारी, पारस वर्मा, चंद्रबली प्रसाद, भगवान चैबे, दीनानाथ गोड़, रूपनारायण, योगेंद्र पांडेय, रामाश्रय ओझा, गोरख वर्मा, गोरख तिवारी, प्रमोद तिवारी, रामजी पांडेय, अर्जुन पांडेय, उमाशंकर तिवारी तथा देवरहवा बाबा के शिष्य सुदर्शनाचार्य जी महाराज, महंत सवांगी पट्टी, बाबा मोहन दास आदि भक्तों सहित सैकड़ों भक्त गण उपस्थित रहे।

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