सोनीपत की सौम्या बनी हरियाणा की पहली महिला बीएसएफ अस्सिटैंट कमांडेंट

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Soumya

सोनीपत, 08 फरवरी (राजेश आहूजा)। शहर के सेक्टर 12 निवासी 23 वर्षीय सौम्या को बीएसएफ में हरियाणा की पहली व देश की तीसरी महिला अस्सिटैंट कमांडेंट बनने का गौरव मिला है। बचपन से ही सेना व आम्र्ड फोर्सेस में जाने की इच्छुक सौम्या ने वर्ष 2016 में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय मुरथल से कंप्यूटर साईंस व इंजीनियरिंग में बीटैक किया है और इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। टेकनपुर ग्वालियर स्थित बीएसएफ अकादमी में बुधवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में सौम्या को स्वार्ड आफ आनर से भी सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह के बाद शुक्रवार को घर लौटी सौम्या ने बताया कि उसे जल्द ही देश की सीमा पर लड़ाकू (काम्बैट) अधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अपनी इस सफलता से उसने यह दिखा दिया है कि बीएसएफ जैसी नौकरी भी अब महिलाएं पुरुषों की ही तरह कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैनिंग के दौरान भी उन्हें पहले बैस्ट ट्रेनी के लिए स्वार्ड आफ आनर व बेस्ट इन इंडोर सब्जेक्ट्स के लिए डीजी ट्राफी से बीएसएफ अकादमी के  निदेशक यूसी सारंगी द्वारा सम्मानित किया गया।

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सौम्या के पिता कुलदीप सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिगान में प्रिंसिपल के पद पर तैनात हैं और राष्ट्रपति अवार्डी हैं। उनकी माता मंजू चौहान सोनीपत के एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उनके ताऊ रिटायर्ड कैप्टन प्रेम सिंह चौहान को भी वीरता के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र दिया जा चुका है। सौम्या के परिवार के अधिकतर लोग सेना में हैं और उसने भी सेना में जाने की प्रेरणा उन्हीं से ली है। सौम्या का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में पानीपत की धरा से शुरू हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से काफी प्रेरित हुई और यह नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहतरीन कदम रहा है। उन्होंने प्रदेश की लड़कियां किसी से कम नहीं हैं और उसने आह्वान किया कि वह हर क्षेत्र में आगे आएं। उन्हें जो बेहतर लगे उसे करें क्योंकि वह प्रत्येक कार्य करने में सक्षम हैं।

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