खाली प्लाटों पर कूड़ा-कर्कट न डालें, अगर कहीं डलता है तो नोटिस जारी करें : मुख्यमंत्री

52
Chief Minister Manohar Lal

सोनीपत, 22 नवम्बर (राजेश आहूजा)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता हम सभी की सामुहिक जिम्मेदारी है और इसे जनआंदोलन का रूप देकर प्रत्येक व्यक्ति को इससे जोड़ें।

जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वच्छता कमेटियों का गठन किया जाए और स्वच्छता कोष भी बनाया जाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार सांय विडियो कांफ्रेस के जरिए प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दे रहे थे।

विडियो कांफ्रेस में उपायुक्त विनय सिंह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को आश्वस्त किया कि सोनीपत शहर व साथ लगते सभी कस्बों जहां नगर पालिका व नगर परिषद है वहां भी इस अभियान को प्रभावी तौर पर लागू किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि सोनीपत जिला में स्वच्छता अभियान को पहले भी बेहतरीन ढंग से लागू किया गया है और भविष्य में भी इसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए कि सभी शहरों व कस्बों में स्वच्छता कमेटियों का गठन किया जाए। इसके साथ ही स्वच्छता कोष भी गठित किया जाए ताकि इसके लिए पैसे की भी कोई कमी न रहे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश मुख्यालय से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वच्छता, उज्जवला योजना, बिजली बिल निपटान योजना, शिव धाम नवीनीकरण योजना, सर्दी में आने वाली धुंध को देखते हुए सडक़ों पर साइनेज तथा सफेद पट्टियां लगवाने, प्रदूषण कम करने के उपाय तथा पॉलिथीन का प्रयोग नही करने के लिए आम जनता को प्रोत्साहित करने आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुधारने के लिए प्रत्येक जिला में स्वच्छता कमेटी बनाने के आदेश दिए और कहा कि यह कमेटी हर महीने अपने शहर में स्वच्छता का मूल्यांकन करेगी।

साथ ही उन्होंने कहा कि स्वच्छता कमेटी के सदस्य हर सप्ताह शहर के किसी वार्ड तथा सडक़ का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत ज्यादा कार्यवाही से बात नहीं बनेगी बल्कि स्वच्छता में जनता की भागीदारी के लिए जन जागरण के उपाय अपनाएं। इसके लिए बच्चों की यात्रा निकालें और विभिन्न स्थानों पर सेमिनार करवाएं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिला स्तर पर स्वच्छता कोष गठित करने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ शहर के सौन्दर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाए। ऐसे उपाय किए जाएं कि धूल कम से कम उड़े और पानी की लीकेज आदि से कीचड़ भी ना हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदूषण और धूंआ के स्त्रोत का पता करके प्रदूषण कम करने के प्रबंध करवाएं। उन्होंने कहा कि खाली प्लॉटों में अक्सर लोग कचरा डाल देते हैं , इसकी रोकथाम के लिए प्लॉट मालिक से कहें कि वह चार दीवारी या टीन आदि लगवाकर इसे रोकें। उन्होंने जिला में स्वच्छताग्रही (वालेंटियर) बनाने का भी सुझाव दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों के मामले में वे एजेसियां, जिनके अधीन वह क्षेत्र आता है, उसको स्वच्छता की जिम्मेदारी दी जाए और स्वच्छता की प्रतियोगिताएं करवाई जाए। इसके लिए शहर में थर्ड पार्टी कमेटी भी बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि रेहडिय़ों और दुकानदारों को कचरा डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने नाइट स्वीपिंग अर्थात् रात को सफाई करवाने पर बल दिया और कहा कि नगर निगम अथवा नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता सैनिक‘ कहा जाए। विडियो कांफ्रेस में जिला सोनीपत से नगर निगम के संयुक्त आयुक्त शंभू व नगर निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
बिजली बिल निपटान योजना-2018 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2005 से पहले की बिजली बिल की बकाया राशि माफ की जाएगी। वर्ष 2005 से जून-2018 तक के बिलों के मामले में ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू कनेक्शन के लिए 40 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से राशि ली जाएगी।

इसी प्रकार, शहरी क्षेत्र के घरेलू कनेक्शनधारक से 50 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से बकाया बिलों का निपटारा किया जाएगा। गैर घरेलू कनेक्शन के मामले में ग्रामीण क्षेत्र में 75 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से तथा गैर घरेलू शहरी कनेक्शन धारक से 150 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से लमसम राशि ली जाएगी। बीपीएल परिवारों से यह राशि केवल एक साल की ली जाएगी। यह योजना 20 किलोवाट तक बिजली लोड वाले ग्राहको के लिए ही है और इसका लाभ 31 दिसबर 2018 तक प्राप्त किया जा सकता है।

उज्जवला योजना : मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान कहा कि उपायुक्त अपने जिला में सर्वेक्षण करवाकर पता करवाएं कि अब भी कितने परिवार ऐसे है जिन्हे घरेलू गैस के कनेक्शन नही मिलें हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना के डाटा में जिन गरीब परिवारों का नाम नही है, उनको घरेलू गैस कनेक्शन दिलवाने के लिए 1600 रूप्ये की राशि राज्य सरकार देगी और यह सुविधा 26 जनवरी तक ही उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त को यह डिक्लेरेशन करनी होगी कि उनके जिला में कोई भी परिवार घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित नही है। मीटिंग में शिवधान योजना की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए कि उपायुक्त लगातार केएमपी एक्सप्रेस वे का निरीक्षण करें। अपने जिला की सीमा में केएमपी का स्वयं निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि उस पर साइनेज ठीक लगी हो ताकि वाहन चालकों को असुविधा ना हो। आने वाले सर्दी के मौसम में पडऩे वाली धुंध को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को अपने अपने जिला में मुख्य मार्गों पर साइनेज, सफेद पट्टी , सिग्नल तथा रिफलेक्टर आदि लगवाने के आदेश दिए हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here