ऑपरेशन ट्रैप में पुलिस इंस्पेक्टर और तीन पत्रकार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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– कोतवाली सेक्टर-20 के एडिशनल एसएचओ सस्पेंड

– आरोपियों के कब्जे से 08 लाख की नकदी, एक मर्सिडीज कार और पिस्टल बरामद

नोएडा, 30 जनवरी (वेबवार्ता)। एफबीआई की इनपुट के बाद से ही नोएडा में स्थित फर्जी कॉल सेंटरों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। यह कार्रवाई पुलिस और कुछ पत्रकारों के लिए अवैध उगाही का बड़ा जरिया भी बन गया था। लेकिन, ऐसे ही एक कॉल सेंटर के मालिक की शिकायत पर ऑपरेशन ट्रैप के दौरान रिश्वत लेते कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी इंस्पेक्टर और 03 पत्रकारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर मेरठ जेल भेज दिया है। जबकि मौके से फरार एक व्यक्ति की तलाश की जा रही है। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 के एडिशनल एसएचओ संदिग्ध भूमिका की वजह से सस्पेंड किया गया है। ऑपरेशन के दौरान आरोपियों से 08 लाख रुपये की नकदी, एक मर्सडीज कार, एक .32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। कॉल सेंटर से उगाही और रिश्वतखोरी के मामले में अभी कुछ और लोग पुलिस की रडार पर हैं।

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सेक्टर-14ए स्थित कंट्रोल रूम में बुधवार को हुई प्रेस कान्फ्रेंस में एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि गाजियाबाद निवासी पुष्पेंद्र चौहान के कॉल सेंटर पर नवंबर-2018 में छापा मारा गया था। उस मामले में कई लोगों को जेल भेजा गया था। बीती 27 जनवरी-2019 को पुष्पेंद्र चौहान ने शिकायत की थी कि कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी मनोज पंत और कुछ पत्रकार एफआईआर से नाम हटाने के एवज में उनसे धन की मांग कर रहे हैं। तोलमोल के बाद सौदा 08 लाख रुपये में तय हुआ है। इस शिकायत की जांच एसपी सिटी सुधा सिंह को सौंपी गई। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर उन्होंने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। 29 जनवरी की सुबह से ही इस ऑपरेशन को शुरू किया गया और आधी रात के बाद उसमें उन्हें कामयाबी मिली। ऑपरेशन के लिए जिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य विभागों के दो सरकारी कर्मचारियों को भी साक्षी के तौर पर लिया गया। रिश्वत में दी जाने वाली 2000 की चार गड्डियों पर केमिकल पावडर लगाया गया और उसका नंबर नोट किया गया।

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एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि इस ट्रैप ऑपरेशन में वह खुद भी सक्रिय रूप से ट्रैपलेइंग टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक पुलिस अधीक्षक के साथ रहे। जबकि एसपी सिटी सुधा सिंह और ग्रेटर नोएडा के सीओ थर्ड पीयूष सिंह ने दूसरी टीम का नेतृत्व किया। दोनों की टीमों में किसी भी थाने के स्टाफ को शामिल नहीं किया गया था। इसके लिए पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं से इंस्पेक्टर मनीष कुमार शर्मा, देवेंद्र सिंह, पीके शर्मा, एसपी सिंह एवं 08 अन्य पुलिसकर्मियों के अलावा डीएम द्वारा नामित दो अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी (स्वतंत्र साक्षी) एचएस त्रिपाठी और वीरेंद्र कुमार के साथ को शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र चौहान अपने बैग में 2-2 हजार की चार गड्डियों यानि 08 लाख रुपये लेकर कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मनोज पंत के बताए अनुसार कोतवाली सेक्टर-20 पहुंचे। मांगे जाने पर पुष्पेंद्र चौहान ने 08 लाख रुपये मनोज पंत और उनके सहयोगियों को दिए।

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डील पूरी होने के बाद इशारा पाते ही टीम ने इंस्पेक्टर मनोज पंत और उनके तीन सहयोगी पत्रकारों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से रिश्वत में ली गई 08 लाख रुपये की नकदी, एक मर्सिडीज कार, एक .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, 02 कारतूस और 06 मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिफ्तार किए गए लोगों में एसएचओ सेक्टर-20 मनोज पंत के अलावा तीन पत्रकार सुशील पंडित, रमन ठाकुर और उदित गोयल शामिल हैं। इनमें से दो समाचार चैनल के साथ काम करते हैं। जबकि एक का अपना समाचार पत्र है।

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