भारत और बांग्लादेश के लोगों के संबंध आत्मीयता पारिवारिक भावनाओं से परिपूर्ण : मोदी

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नई दिल्ली, 11 मार्च (वेबवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश के लोगों के संबंध आत्मीयता और पारिवारिक भावनाओं से परिपूर्ण हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग परियोजनाएं दर्शाती हैं कि भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों देशों की जनता के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका अदा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बस सेवा की शुरूआत करते हुए यह बात कही।

मोदी ने कहा कि बांग्लादेश का विकास भारत के लिए ख़ुशी का विषय तो है ही, हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश के विकास के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किये हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश में हाल में हुए चुनाव में शेख हसीना की जीत पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना जी के साथ यह मेरी छठी वीडियो कांफ्रेंस है। मोदी ने कहा कि इतनी सरलता से, और इतनी बार, किन्हीं दो देशों के नेतृत्व के बीच में संपर्क होना, अपने आप में दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच संबंध कितने गहरे और मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच सम्पर्क मजबूत करने की बात जब भी होती है, तो उसका सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत वह प्रधानमंत्री शेख हसीना की सोच को मानते हैं। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे बहुत प्रसन्नता है कि आज हमने न सिर्फ़ परिवहन, बल्कि साथ ही ज्ञान में भी सम्पर्क बढ़ाने के क़दम उठाए हैं।

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’’ उन्होंने कहा कि बसों और ट्रकों की आपूर्ति बांग्लादेश सरकार द्वारा वहनीय सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने के प्रयासों में सहायक भूमिका अदा करेगी, जल संवर्द्धन संयंत्रों से हज़ारों घरों में शुद्ध पेयजल पहुँचाएँगे और सामुदायिक क्लिनिकों से लगभग 2 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिन्हें अपने घरों के पास स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सभी परियोजनाएं सीधे रूप से जनता के जीवन से जुड़े हुए हैं। ये परियोजनाएं दर्शाती हैं कि भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों देशों की जनता के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका अदा कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘आज मुझे बांग्लादेश से यहाँ आए कई युवा सांसदों और नेताओं से मिलने का अवसर मिला। उनकी प्रतिभा और कर्मठता में मैं भारत-बांग्लादेश संबंधों का उज्ज्वल भविष्य देखता हूँ।

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