112 दिनों से गंगा सफाई को लेकर अनशन पर बैठे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का निधन

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स्वामी शिवानंद ने लगाया हरिद्वार डीएम ,एसडीएम सहित सीओ कनखल व एस ओ पर हत्या का आरोप

हरिद्वार, 11 अक्टूबर (वेबवार्ता/ज्ञान प्रकाश पाण्डेय)। गंगा सफाई के लिए पिछले 112 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने इस बात की पुष्टि की है। बीते 9 अक्टूबर से प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने पानी पीना बंद कर दिया था। अगले दिन हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें जबरन ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया था। जीडी अग्रवाल 86 साल के थे।

गौरतलब है कि गंगा रक्षा के लिए गत 22 जून से मातृसदन आश्रम में तपस्यारत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने नौ अक्‍टूबर से जल का भी त्याग कर दिया था। इसे देखते हुए बुधवार 10 अक्टूबर को प्रशासन ने उन्हें फिर ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। इससे पूर्व भी उन्हें एक सप्ताह के लिए एम्स में भर्ती कराया जा चुका था। प्रशासन व चिकित्सकों की टीम उन्हें एंबुलेंस से एम्स ले गई थी। इससे पहले हरिद्वार प्रशासन ने आश्रम व आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
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गंगा सफाई को लेकर पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल पिछले 112 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे. स्वास्थ्य गिरने की वजह से बीते 10 अक्टूबर को पुलिस ने उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था.

बता दें कि स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद गंगा एक्ट बनाने की कर र‍हे थे मांग। यहां बताना उचित होगा कि गंगा पर निर्माणाधीन जल-विद्युत परियोजनाओं को बंद करने, प्रस्तावित परियोजनाओं को निरस्त करने और कोई भी नई परियोजना स्वीकृत न करने समेत वर्ष 2012 में तैयार किए ड्राफ्ट पर गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी सानंद गत 22 जून 2018 से तप कर रहे थे। इस अवधि में वह सिर्फ जल, नमक, नींबू और शहद ले रहे थे।

स्वामी सानंद के निधन की सूचना के बाद एम्स प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन को सूचित करते ही हरिद्वार के एसडीएम और ऋषिकेश के एसडीएम एम्स में पहुंच गए। साथ ही पुलिस फोर्स का पहुंचना शुरू हो गया था और देखते ही देखते पूरा ऋषिकेश एम्स छावनी में तब्दील हो गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं। उनकी इस इच्छा का सम्मान करने के लिए एम्स प्रशासन जुट गया है।

एम्स में डीन डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि जब स्वामी सानंद स्वस्थ थे तो उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान करने के लिए संकल्प पत्र एम्स भिजवाया था। इस संकल्प पत्र का एम्स प्रशासन पालन करेगा और स्वामी सानंद की इस इच्छा का पूरा सम्मान किया जाएगा।

वहीँ मात्र सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पत्रकारों से कहा, स्वामी सानन्द की हत्या कर दी गई। उनके द्वारा जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी कनखल स्वप्न किशोर सिंह, थानाध्यक्ष कनखल ओमकान्त भूषण सहित चौकी इंचार्ज जगजीतपुर को स्वामी सानंद की हत्या का दोषी ठहराया है। इतना ही नहीं स्वामी शिवानंद सरस्वती ने केंद्र की मोदी सरकार के एक बड़े मंत्री पर अपने हत्या करने की संभावना बताई थी।
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