बुधवार तक राजीव कुमार को पूछताछ के लिए नोटिस भेजेगी सीबीआई

20
rajiv kumar

कोलकाता, 05 फरवरी (वेबवार्ता)। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने अब राजीव कुमार को नए सिरे से समन जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार दोपहर सीबीआई सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है कि बुधवार तक उन्हें हर हाल में जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भेज दिया जाएगा। कोलकाता में पदस्थ एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव दिल्ली में ही हैं।

सुप्रीम कोर्ट में राजीव कुमार के खिलाफ साक्ष्य पेश करने के लिए वे कोलकाता से गए हुए थे। इसके अलावा एसपी पार्थ मुखर्जी और डीएसपी तथागत वर्धन भी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के लिए दिल्ली में ही मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद दिल्ली में लीगल सेल की टीम के साथ सीबीआई के ये तीनों अधिकारी बैठक करेंगे और बुधवार तक राजीव कुमार को नए सिरे से समन जारी किया जाएगा। इसमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार शिलांग के सीबीआई ऑफिस में हाजिर होने के लिए तारीख और समय तय कर दी जाएगी। इस बीच पूछताछ के लिए सीबीआई की एक टीम गठित होगी जिसका नेतृत्व डीएसपी तथागत वर्धन ही करेंगे।

सीबीआई सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है कि शिलांग में सीबीआई के एसपी से कोलकाता के सीबीआई अधिकारियों की बातचीत हो गई है। जल्द ही कोलकाता से सीबीआई की टीम शिलांग का दौरा करेगी और वहां की टीम के साथ समन्वय बनाकर राजीव कुमार से पूछताछ की तैयारी की जाएगी। पूछताछ का सारा बयान रिकॉर्ड करने, पहले से मौजूद तथ्यों को एकत्रित करने और इसके आधार पर पूछताछ के लिए कई सारे सवाल टीम ने तैयार किया है इसमें कई और सवाल भी जुड़ जाएंगे जिसमें राजीव कुमार के घर पहुंची सीबीआई टीम के साथ मारपीट और हिरासत में लेने संबंधी जवाब भी मांगा जाएगा। कुल मिलाकर राजीव कुमार को घेरने में सीबीआई की टीम जुट गई है।

राजीव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अरबों रुपये के सारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाला में शामिल लोगों के खिलाफ सारे साक्ष्यों को मिटा दिया है। जिन साक्ष्यों को राजीव ने कथित तौर पर मिटाया है उसमें सत्तारूढ़ तृणमूल के कई बड़े नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। दरअसल 21 अप्रैल 2013 को सारदा प्रमुख सुदीप्त सेन और उनकी सहयोगी देबजानी को जम्मू कश्मीर के सोनमार्ग में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से इस मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने कश्मीर जाकर दोनों को अपनी हिरासत में लिया था और कोलकाता ले आई थी।

ममता का धरना तीसरे दिन भी जारी : केजरीवाल, नायडू प्रदर्शन पर पहुंचने की संभावना

इस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के मुखिया राजीव कुमार ही थे। बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सारदा प्रमुख और उनके सहयोगी देवजानी के पास से पांच मोबाइल फोन, कॉल के रिकॉर्ड, लैपटॉप और एक लाल डायरी बरामद की थी जिसमें उन सभी लोगों से बातचीत अथवा इस बात का जिक्र था कि किसने कब कितने पैसे लिए। साल 2014 में जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी तब एसआईटी ने सारे तथ्य तो सौंप दिए लेकिन लाल डायरी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और फोन के रिकॉर्ड नहीं दिए।

इसके बाद पता चला कि उन साक्ष्यों को मिटा दिया गया है। इसी मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई लगातार राजीव कुमार को पिछले दो सालों से समन भेजती रही है और वह हाजिर नहीं हुए हैं। रविवार को उनके कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर सीबीआई की टीम पूछताछ के लिहाज से पहुंची थी लेकिन कोलकाता पुलिस ने उन्हें धक्का देते हुए मारते-पीटते पुलिस के वैन में डाल दिया था और हिरासत में ले लिया था। सीबीआई के दफ्तर और सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव के घर को भी घेर लिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राजीव कुमार को पूछताछ के लिए हाजिर होना होगा। हालांकि 20 फरवरी तक राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here